अयोध्या में स्थानीय निकाय चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण को लेकर गठित उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद की सामाजिक संरचना और प्रतिनिधित्व का विस्तृत आकलन किया। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम अवतार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में आयोग के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों। और प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में आयोग ने जनपद की जातिवार जनसंख्या, स्थानीय निकायों में ओबीसी के प्रतिनिधित्व और सामाजिक स्थिति से जुड़े बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी ली। प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार अयोध्या की कुल जनसंख्या 19,37,638 है। इनमें अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी 9,83,386 (करीब 50.75 प्रतिशत), अनुसूचित जाति 4,74,966, सामान्य वर्ग 4,78,906 व अनुसूचित जनजाति 680 है। आयोग अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम अवतार सिंह ने कहा कि आयोग का उद्देश्य प्रदेश के सभी जनपदों से तथ्यात्मक जानकारी जुटाकर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार करना है। सभी जनप्रतिनिधियों ने शांतिपूर्वक अपने सुझाव और तथ्य रखे हैं। प्राप्त आंकड़ों और सुझावों का अध्ययन करने के बाद आयोग अपनी संस्तुतियां उत्तर प्रदेश शासन को सौंपेगा। अंतिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक सिंह ने बताया कि बैठक में आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकांश जनप्रतिनिधियों ने वर्तमान व्यवस्था को यथावत बनाए रखने की राय दी। उन्होंने कहा कि आयोग की कार्यप्रणाली से प्रतीत होता है कि रिपोर्ट शीघ्र शासन को भेजी जाएगी, जिसके बाद स्थानीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। बैठक में आयोग के सदस्य बृजेश कुमार, संतोष कुमार विश्वकर्मा, डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया और एसपी सिंह के अलावा सभी विकास खंडों के ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रोहित सिंह, ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि व संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।