रामनगरी अयोध्या में धूमधाम से नाग पंचमी मनाई जा रही है। जिले के सभी शिव मंदिरों में जलाभिषेक किया जा रहा है तो वहीं, सरयू तट पर स्थित शेषावतार मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई है। शेषावतार का जलाभिषेक किया जा रहा है। मंदिर के बाहर सर्प को दूध भी पिलाया जा रहा है। श्रद्धालु शेषावतार का जलाभिषेक कर मंदिर से बाहर निकल कर सर्प को दूध पिला रहे हैं। मान्यता है कि महाराज जन्मेजय ने एक यज्ञ अपने पिता परीक्षित की मृत्यु का बदला लेने के लिए किया था, जिनकी हत्या सर्पों के राजा तक्षक ने की थी। जिस दिन यज्ञ रोका गया था, वह सावन माह की शुक्ल पक्ष पंचमी थी। इसी यज्ञ के दौरान ऋषि वैश्मपायन ने पहली बार संपूर्ण महाभारत का वर्णन किया था। उस दिन को तब से नाग पंचमी के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन गुड़िया पीटने की भी परंपरा है।