यूपी के अयोध्या में औसेकर महाराज नाथ संस्थान औसा, लातूर, महाराष्ट्र की ओर से अयोध्या में सप्ताह भर का धार्मिक अनुष्ठान किया जा रहा है। इस निमित्त 2100 अनुयायी रामनगरी आए हैं। अनुयायियों ने गुरु महाराज के साथ श्रीरामलला का दर्शन किया और उससे पहले सुबह तुलसी पत्र के साथ विधि विधान सहित सहस्त्र नाम का उच्चारण किया। इस समुदाय की उपासना पद्धति में चक्री भजन का विशेष महत्व है। औसा लातूर घराने की यह 260 वर्ष पुरानी परंपरा है। इसमें चक्राकार घूम घूमकर नाचते गाते भजन करते हैं। इस दौरान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी भक्ति भाव में झूमे। अयोध्या धाम में यह कार्यक्रम 23 मार्च तक चलेगा। अनुयायी 228वां नाथ षष्ठी महोत्सव यहां मना रहे हैं। ये सभी बल्लभाचार्य मठ सहित विभिन्न स्थानों पर ठहरे हैं। अनुष्ठान के तहत सुबह तीन से साढ़े पांच बजे तक कांकड़ भजन, सात से 11.30 तक ज्ञानेश्वरी पाठ, 12 से एक बजे नाथ स्थापना पूजन एवं महाप्रसाद, तीन से चार हरिपाठ, चार से छह भजन, छह से 8.30 बजे तक गुरु बाबा औसेकर महाराज का चक्री भजन आदि कार्यक्रम प्रतिदिन होते हैं। आयोजन में प्रमुख रुप से गर्णीनाथ औसेकर, गोरखनाथ महाराज, रविंद्र नाथ, गुरु बाबा औसेकर, श्रीरंग, ज्ञानराज औसेकर मौजूद रहे।