रामनगरी अयोध्या में मोहर्रम की तैयारी पूरी हो गई है। वैसे तो मोहर्रम मुस्लिमों का गम का त्यौहार है लेकिन तैयारी खास तरह से की गई है। शहर के रीडगंज स्थित मोहम्मद हसीब और उनकी बेगम शबनम पिछले एक महीने से ताजिया बनाने का काम कर रहे हैं। मोहम्मद हसीब और शबनम की माने तो गैर मुस्लिम यानी हिंदू भी अपनी मन्नत व आस्था के अनुरूप अपने घरों में ताजिया रखते हैं और 10 दिन बाद उस ताजिया को सुपुर्द ए खाक करते हैं। मोहम्मद हबीब व शबनम ने बताया कि छोटा ताजिया 500 रुपये से लेकर बड़ा ताजिया 8000 रुपये तक बिकता है। जिसकी जैसी आस्था होती है, उस तरह का ताजिया वह अपने घरों में रखता है। सिर्फ मुस्लिम ही नहीं हिंदू भी अपनी मन्नत और आस्था के अनुरूप अपने घरों में ताजिया रखते हैं। बताते हैं कि हिंदू भी अपनी किसी मन्नत के पूरी होने पर अपने घर में अपना ईष्ट समझकर ताजिया को अपने घर में रखते हैं और 10 दिन बाद कर्बला में ताजिया को दफन करते हैं।