फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अयोध्या में गन्ने की फसल पर कंडुआ रोग का हमला, किसानों की बढ़ी चिंता

अयोध्या के तारुन क्षेत्र में गन्ने की फसल पर कंडुआ रोग/व्हिप स्मट का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। खेतों में पत्तियां काली पड़ रही हैं और बीच का तना यानी अगोला सूखकर मर रहा है। कई खेतों में गन्ने के ऊपरी हिस्से से काले चाबुक जैसी संरचना निकलने से किसान परेशान हैं। बालापुर के किसान राजाराम वर्मा ने बताया कि पहले पत्तियों पर कालापन आया। उसके बाद गोभ सूख गई और खींचने पर आसानी से निकल आ रही है। गन्ने के ऊपर से 25 से 50 सेमी लंबी कोयले जैसी काली, मुड़ी हुई रचना निकल रही है। इससे गन्ने की बढ़वार रुक गई है और पैदावार पर असर पड़ने की आशंका है। गन्ना शोध संस्थान शाहजहांपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ सुजीत प्रताप सिंह के अनुसार यह स्पोरिसोरियम सिटामिनी नामक फफूंद से होने वाला बीज जनित रोग है। रोगी गन्ने से निकलने वाली चाबुक जैसी संरचना में लाखों बीजाणु होते हैं। ये हवा के जरिए स्वस्थ पौधों तक पहुंचकर संक्रमण फैलाते हैं। इसे एन्थर स्मट भी कहा जाता है। रोग लगने पर गन्ना पतला रह जाता है और रस की मात्रा घट जाती है। डॉ सिंह ने बताया कि रोग दिखते ही तुरंत रोगग्रस्त गन्ने को जड़ समेत उखाड़कर खेत से बाहर नष्ट कर दें। लगातार एक ही खेत में गन्ना न बोकर 2 से 3 साल का फसल चक्र अपनाएं। उन्होंने बताया कि रोगग्रस्त गन्ने को किसी पॉलिथीन या बैग से ढककर काले कोड़े को काटकर नष्ट कर दें। प्रबंधन के लिए प्रॉपिकोनाजोल अथवा एजॉक्सिस्ट्रोबीन 18.2+डिफेनोकोनोजोल 11.4 अथवा एजॉक्सिस्ट्रोबीन 11+टैबूकोनोजोल 18.3 का 1 मिली प्रति लीटर पानी के अनुपात में छिड़काव करें।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें