अयोध्या में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता और पूर्व सरकार्यवाह भैया जी जोशी ने जमीयत ए उलेमा के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी है। अयोध्या में उन्होंने साफ कहा है कि ‘वंदे मातरम’ को किसी धर्म से जोड़कर देखना उचित नहीं है। संघ के वरिष्ठ नेता भैया जी जोशी ने कहा कि इसमें हिंदू बनने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उनका कहना है कि ‘वंदे मातरम’ एक देशभक्ति गीत है, जिसे महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने अपने उपन्यास आनंदमठ में लिखा था। भैया जी जोशी ने कहा कि वंदे मातरम को हिंदू-मुस्लिम के नजरिए से देखना ठीक नहीं है। यह देशभक्ति का प्रतीक है और सभी नागरिकों को इसे उसी भावना से देखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय पर जो निर्णय या पहल पहले हो जानी चाहिए थी, वह भले ही देर से हुई हो, लेकिन इस पर उन्हें आनंद है। संघ के पूर्व सरकार्यवाह भैया जी जोशी ने कहा कि इसमें हिंदू बनने का कोई सवाल नहीं है। वंदे मातरम बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी ने आनंदमठ में लिखा था। यह देशभक्ति का गीत है, इसमें हिंदू-मुसलमान करने का कोई कारण नहीं है। पहले होना चाहिए था, देर से भी क्यों न हुआ इसमें हमें आनंद है।