अयोध्या में मोहर्रम के महीने में इमाम हुसैन की शहादत की याद में राठहवेली में मजलिस, मातम और ताजियादारी का सिलसिला जारी है। 26 जून को 10वीं मोहर्रम के अवसर पर विभिन्न मोहल्लों और इमामबाड़ों से ताजियों का जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद उन्हें कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अंजुमन गुनचए मख्दूमियां फैजाबाद के सैयद मोहम्मद हसनैन ने बताया कि इमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में अपने 72 साथियों के साथ दीन और इंसानियत की रक्षा के लिए शहादत दी थी। उनका बलिदान सत्य, न्याय और मानवता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मोहर्रम केवल एक समुदाय का नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए त्याग और संघर्ष की प्रेरणा का पर्व है। जियो हैदर की ओर से कहा गया कि इमाम हुसैन का संदेश प्रेम, भाईचारा और अन्याय के खिलाफ संघर्ष का संदेश है।