कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद सीज डंपर छोड़ने के बदले अजीतमल कोतवाली के मालखाना प्रभारी पर 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित का आरोप है कि रुपये न देने पर कागज अधूरे होने का बहाना बनाकर उसे टरकाया जा रहा है। मामले में सीओ ने जांच की बात कही है। कानपुर देहात के कस्बा पुखरायां निवासी हिमांशु ने बताया कि उनका डंपर 10 जुलाई को जालौन से मौरंग लादकर आगरा जा रहा था। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के अनंतराम टोल प्लाजा के पास चेकिंग के दौरान पुलिस ने वाहन को रोक लिया। पीछे नंबर प्लेट लटकी होने समेत अन्य खामियों का हवाला देते हुए पुलिस ने डंपर को सीज कर दिया था। इसके बाद पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने 18 जुलाई को सुनवाई के बाद डंपर को रिलीज करने के आदेश जारी कर दिए। पीड़ित का आरोप है कि वह कोर्ट का आदेश लेकर अजीतमल कोतवाली पहुंचा तो पुलिसकर्मियों ने पहले उसे टरका दिया। आरोप है कि वह मालखाना प्रभारी से मिले तो उन्होंने एक कागज पर लिखकर 20 हजार रुपये की मांग की। पीड़ित ने जब कोर्ट आर्डर का हवाला दिया तो प्रभारी कागजात पूरे न होने का बहाना बनाने लगे। पीड़ित पिछले चार दिनों से डंपर छुड़ाने के लिए कोतवाली के चक्कर काट रहा है। सीओ मनोज गंगवार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है जांच कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।