गंगा एक्सप्रेस वे के लिए अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि के रेट बढ़ाने की मांग को लेकर तीन गांवों के लोगों ने तहसील में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सरकार से सर्किल रेट बढ़ाने व सभी गांवों के लिए एक समान रेट दिए जाने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि वे वर्तमान सर्किल रेट पर अपनी भूमि का बैनामा नहीं करेंगे। हरिद्वार से प्रयागराज के लिए बनाए जा रहे गंगा एक्सप्रेस वे के लिए क्षेत्र के कई गांवाें में भूमि अधिग्रहीत की जानी है। जिन किसानों की भूमि गंगा एक्सप्रेस वे के लिए अधिग्रहीत की जानी है, उनका कहना है कि सर्किल रेट बेहद कम है। मंगलवार को क्षेत्र के गांव महमदी, कठपुरा, हाशमपुर, मल्हुपुरा, टोनिया माफी के किसानों ने तहसील में एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। किसानों का कहना था कि सरकार सर्किल रेट पर भूमि लेना चाहती है। जबकि बाजार रेट काफी अधिक है। सरकार को उनकी भूमि बाजार रेट से लेनी होगी। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सर्किल रेट नहीं बढ़ाए गए तो वे बर्बाद हो जाएंगे। मल्हुपुरा, हैबतपुर चौधरियान व टोनिया माफी गांव के किसानों ने आरोप लगाया कि राजनैतिक दबाव में गंगा एक्सप्रेस वे उनके गांवों की ओर मोड़ा गया है। उन्होंने अपने गांवों को प्रस्तावित एक्सप्रेस वे से बाहर रखने की मांग की है। इस मौके पर चमन सिंह, आनेद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, जसपाल गिल, जोगेंद्र सिंह, दिगराज सिंह, विजयवीर सिंह, नरदेव सिंह आदि मौजूद थे।