अशोक के दस हजार पौधे पर्यावरण को सुधारेंगे। वह रोपने के लिए विभिन्न विभागों को मुफ्त मुहैया कराए जाएंगे। इस समय पौधे वन विभाग की कुमराला पौधशाला में तैयार किए जा रहे हैं। क्षेत्र में पक्का पुल के निकट कुमराला नाम से वन विभाग की पौधशाला है। जो दो हेक्टेयर में फैली है। इसमें अशोक, यूकेलिप्टिस, पापड़ी, कंजी, नींबू, सागौन, गुटेल, शहतूत, अमलताश, जंगल जलेबी, बकैन, बेर आदि प्रजातियों के पेड़ों की पौधशाला तैयार की जा रही है। इसमें तैयार हो रहे पौधे जुलाई में होने वाले पौधरोपण के दौरान विभिन्न विभागों को निशुल्क मुहैया कराए जाएंगे। इसके अलावा किसानों को भी खेतों की मेंड़ पर लगाने के लिए दिए जाएंगे। मगर पौधशाला में पहली बार अशोक के दस हजार पौधे तैयार किए जा रहे हैं। पौधशाला की विभाग के कर्मचारी दीन दयाल यादव सोलर से प्रतिदिन सिंचाई कर रहे हैं। जिससे वह पौधरोपण के समय तक काफी वृद्धि कर सकें। वन विभाग के एसडीओ नरेश कुमार जोशी का कहना है कि अशोक के पौधे पर्यावरण के लिए बेहतर माने जाते हैं। यह पौधशाला में पहली बार तैयार किए जा रहे हैं। दस हजार पौधे बड़े होकर पेड़ बनेंगे। पर्यावरण में काफी सुधार आएगा।