रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (रेलपथ) ने प्रदूषित पानी छोड़ रही केमिकल बनाने वाली फैक्टरी प्रबंधन को पानी बंद करने के लिए पत्र लिखा है। हिदायत दी है कि रेल परिसर में पानी नहीं रोकने पर कार्रवाई की जाएगी। रेलवे लाइन को पार करने के लिए बना रास्ता जेसीबी से बंद करा दिया गया। रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (रेलपथ) महेंद्र सिंह ने केमिकल बनाने वाली वेस्ट एग्रो को पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि उसके द्वारा रेल परिसर में केमिकल युक्त प्रदूषित पानी छोड़ा जा रहा है। फैक्टरी का रेलवे लाइन किनारे लाल रंग का बदबूदार पानी भरा है। जिसने नदी का स्वरूप ले लिया है। इससे रेलवे के कर्मचारियों के साथ ही लाइन को भी नुकसान हो रहा है। इसके अलावा कर्मचारी रेलवे लाइन को पार करते हैं। पैदल ही नहीं बल्कि कर्मचारी बाइक, साइकिल आदि भी पार करते हैं। इससे उनके साथ हादसे का डर बना रहता है। किसी कर्मचारी के साथ हादसा न हो और प्रदूषित पानी से रेलवे को नुकसान हो, इसके लिए पानी बंद कराने को कहा। फैक्टरी बंद पड़ी है। इस कारण प्रदूषित पानी छोड़ने का सवाल ही नहीं है। इसके अलावा कोई भी कर्मचारी उधर से नहीं आता। जिसे रेलवे लाइन पार करनी पड़े। सुबोध गुप्ता, प्रशासनिक अधिकारी वेस्ट एग्रो कंपनी गजरौला।