ग्राम पंचायतों में जाकर ऑनलाइन उपस्थिति लगवाने व गैर विभागीय कार्य कराए जाने के विरोध में आवाज बुलंद कर रहे ग्राम पंचायत सचिवों ने एडीओ पंचायत को अपने डोंगल सौंप दिए। अब ग्राम प्रधानों बीडीसी सदस्यों को गांवों में काम कराने और भुगतान प्राप्त करने में खासी दिक्कत आएगी। सोमवार को ब्लॉक के सभी पंचायत सचिव ब्लॉक में एकत्र हुए। यहां पर उन्होंने एडीओ (पंचायत) सत्येंद्र कुमार को अपने डोंगल सौंपे। इस दौरान सचिवों ने मांग उठाई कि उनसे विभागीय कार्य ही लिया जाए। गैर विभागीय कार्यों के कारण वह अपने कार्य क्षेत्र के काम सही से नहीं कर पा रहे हैं। पंचायत सचिवालय में जाकर ऑनलाइन उपस्थिति की अनिवार्यता को खत्म किए जाने की मांग उठाई। कहा कि यह व्यवहारिक नहीं है। क्योंकि एक -एक पंचायत सचिव पर सात से आठ ग्राम पंचायत हैं। वह कैसे सबमें जाकर उपस्थिति लगाएंगे। इस मौके पर राजकुमार, फौजिंदर कुमार, मुश्तकीम अहमद, शिवम कुमार, उपेंद्र कुमार, जाहिद खां, गौरव सिंह, पल्लवी, अर्चना, मंजला आदि मौजूद रहीं। एडीओ (पंचायत) ने बताया कि डोंगल जमा कर दिए जाने का असर गांवों में दिखाई देगा। ग्राम प्रधानों और बीडीसी सदस्यों का भुगतान अटक जाएगा।