सीएचसी में एक ही कमरे में लैब के उपकरण और मशीन रखने का स्थान नहीं होने का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। डेंगू, मलेरिया और बलगम की जांच नीचे के दो कमरों में होती है। जबकि, हेपेटाइटिस बी और सी व अन्य रोगों की जांच ऊपरी तल पर बनी लैब में करानी पड़ती है। कायाकल्प योजना में बीते साल मंडल स्तर पर तीसरे स्थान पर व यूपी हेल्थ डेशबोर्ड रैंकिंग में लगातार आठवीं बार पहले स्थान पर रही गजरौला सीएचसी की लैब बुरे दौर से गुजर रही है।