औद्योगिक नगरी में खेल का मैदान नहीं होने के कारण बालक सड़क पर स्टंप लगाकर खेलने के लिए मजबूर हैं। इस दौरान उनकी गेंद किसी घर में चली जाती है तो उनको डांट भी खानी पड़ती है। चकाचौंध से भरपूर औद्योगिक नगरी खेल के संसाधनों के मामले में फिसड्डी है। यहां पर खेल का कोई मैदान नहीं है। इस कारण खिलाड़ियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैै। रमाबाई आंबेडकर राजकीयय महाविद्यालय के मैदान में युवा तैयारी करते हैं। इसलिए किशोर अवस्था से छोटे खिलाड़ियों को दिक्कत आती है। इस कारण वह किसी सड़क के आस पास खेलने को मजबूर हैं। मंगलवार को खिलाड़ी नवांग कुमार, अर्जुन, लक्ष्य, आदित्य, आयुष्मान और आहन ने अतरपुरा मोहल्ले में एक सड़क पर स्टंप लगाया। वहीं पर क्रिकेट खेलने लगे। इस दौरान खेलते समय उनकी गेंद कई बार पड़ोस के घरों में भी चली गई। पूछने पर उन्होंने बताया कि अखबारों में अक्सर खबर पढ़ते हैं कि खेलने से शरीर स्वस्थ रहता है। मानसिक व शारीरिक विकास होता हैै। इसलिए रोजाना कई घंटे क्रिकेट खेलते हैं, लेकिन खेल का मैदान नहीं हाेने के कारण उनको बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। पालिका ईओ ललित कुमार आर्य ने बताया कि बच्चों के लिए तिगरिया भूड़ में एक पार्क बन रहा है। उसमें ही युवा तैयारी कर लिया करेंगे। खेलने के लिए भी अच्छा रहेगा।