वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों की बलिदान गाथा को सुन कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम व त्रिमूर्ति शेषधाम मनौटा के स्वामी हर मनोज दास भी भाव विभोर हो गए। चौपला स्थित गुरुद्वारा साध संगत में शनिवार को वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम व मनौटा स्थित त्रिमूर्ति शेषधाम से स्वामी हर मनोज दास महाराज शामिल हुए। दोनों ने एक घंटे से अधिक समय बैठकर फतेह सिंह व जोरावर सिंह की बलिदान कथा सुनी। ज्ञानी ने बड़े ही मार्मिक ढंग से सुनाया कि फतेह सिंह व जोरावर सिंह काे सरहिंद का नवाब वजीर खान इस्लाम कबूल करने को कहता है। जिसके बाद वह अपनी दादी गूजरी देवी से विदा लेकर जाते हैं तो वह घबराने की बजाय हौंसला बढ़ाती हैं। कहतीं हैं कि जाओ पोते तुम मत घबराओ। इससे पूर्व भाकियू खालसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार रजिंदर सिंह धारीवाल ने साहिबजादों की बलिदान कथा सुनाई। कहा कि उन साहिबजादों के बलिदान से प्रेरणा लेनी चाहिए। सरदार अमरजीत सिंह, हरभजन सिंह, दर्शन सिंह, तेजपाल सिंह, इंद्रपाल सिंह, नेमपाल सिंह, चरनजीत सिंह, शशि कौर, परमजीत कौर, अमरजीत कौर, हरजीत कौर, अमेंद्र सिंह, यशवीर सिंह आदि मौजूद रहे।