चकबंदी विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) ने गौरीगंज तहसील स्थित बंदोबस्त अधिकारी कार्यालय (एसओसी) पर पंचायत लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पदाधिकारियों ने जगदीशपुर स्थित चकबंदी कार्यालय प्रथम में लंबे समय से तैनात कर्मी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए स्थानांतरण की मांग उठाई। संगठन के जिलाध्यक्ष नफीस चंदेल के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने जिला बंदोबस्त अधिकारी केलकर सिंह को ज्ञापन सौंपा। इसमें जगदीशपुर के चकबंदी अधिकारी कैंप कार्यालय में वर्षों से कार्यरत नक्शानवीस के स्थानांतरण की मांग की गई। किसानों का आरोप है कि संबंधित कर्मी भ्रष्टाचार में लिप्त है और सेवा नियमों का उल्लंघन कर रहा है। किसानों ने बताया कि रसूलपुर ग्राम सभा में चकबंदी प्रक्रिया लंबे समय से धीमी गति से चल रही है, जिससे किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने 15 जून तक कब्जा परिवर्तन कर प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की। महोना पश्चिम चकबंदी कार्यालय में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया। किसानों का कहना है कि वहां किसानों की बजाय जमीन कारोबारियों का जमावड़ा लगा रहता है और समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता। किसानों ने महोना पश्चिम कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच कराने और चकबंदी से प्रभावित किसानों के गेहूं बिक्री के लिए समय से सत्यापन कराने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा। इस दौरान प्रदीप कुमार पाठक, आजाद अहमद, फिरोज अहमद, करमचंद कोरी, शिवकुमार मिश्र समेत अन्य किसान मौजूद रहे।