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VIDEO: अप्रशिक्षित डॉक्टर का इलाज पड़ा महंगा, जिला अस्पताल में उपचार के बाद मरीज स्वस्थ

अप्रशिक्षित व्यक्ति से इलाज कराना जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसा ही एक मामला शाहगढ़ के चंद्रधर पुरवा गांव निवासी अशोक कुमार द्विवेदी के साथ हुआ। नेपाल में उन्हें पैर में तेज दर्द की समस्या आने पर निजी अप्रशिक्षित चिकित्सक से इलाज कराना महंगा पड़ गया। गंभीर स्थिति होने पर वह वहां से घर आए और गौरीगंज स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सकों ने 15 दिन भर्ती कर इलाज किया, उसके बाद अब वह स्वस्थ हैं। अशोक कुमार द्विवेदी नेपाल स्थित सीमेंट फैक्टरी में ऑपरेटर हैं। उनके पैर में झनझनाहट व दर्द की समस्या काफी दिनों से है। जिसका इलाज वह गौरीगंज स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. राजीव शुक्ल से इलाज करा रहे हैं। सितंबर में वह डॉ. राजीव शुक्ल को दिखाने के बाद दवा लेकर नेपाल चले गए। वहां पर दवा खत्म होने के बाद उन्हें दिसंबर में तेज दर्द होना शुरू हो गया। अशोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि निजी चिकित्सक के यहां इलाज के लिए गए तो वहां पर चिकित्सक ने दवा देने के साथ ही कूल्हे पर इंजेक्शन दिया। बताया कि इंजेक्शन लगने के बाद एक तरफ कूल्हे में इंफेक्शन के साथ दर्द और सूजन होने लगी। कूल्हे में बड़ा घाव व सूजन होने पर असहनीय दर्द हो गया। हालत गंभीर होने वह घर आए और जिला अस्पताल पहुंचकर चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सक ने 15 दिनों तक अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया। उसके बाद वह अब स्वस्थ हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव शुक्ल ने बताया कि अप्रशिक्षित व्यक्ति होने की वजह से इंजेक्शन गलत जगह लगाया गया। जिससे मरीज की हालत ज्यादा बिगड़ गई, समय से मरीज अस्पताल न पहुंचता तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। बताया कि मरीज स्वस्थ है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अप्रशिक्षित से कतई इलाज न कराएं, सरकारी अस्पताल व विशेषज्ञ चिकित्सकों से ही उपचार कराएं।

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