सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेटुआ का नया भवन लौकापुर गांव में लगभग दस वर्ष पूर्व करोड़ों रुपए की लागत से तैयार हुआ, पर अब तक हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। हैंडओवर न होने से भवन रखरखाव के अभाव में जर्जर होने लगा है। खिड़कियां, पंखे और दरवाजे अराजक तत्व उखाड़ ले गए हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि पुराने भवन की स्थिति अत्यंत खराब होने पर नया अस्पताल बनवाया गया था, पर तकनीकी खामियों के कारण अब तक उपयोग में नहीं आ सका है। इस बीच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेटुआ का संचालन पुराने, जर्जर भवन में जारी है। कालोनियां व चारदीवारी गिरने की स्थिति में हैं। डॉक्टर और कर्मचारी जान जोखिम में डालकर उसी भवन में सेवाएं दे रहे हैं। मरीजों को भी इलाज के दौरान असुविधा झेलनी पड़ रही है। भवन की छत से प्लास्टर झड़ रहा है, कई जगह पानी रिसता है। बरसात में कमरों में पानी भर जाता है। कर्मचारियों के आवास भी रहने योग्य नहीं बचे हैं। कई कर्मियों पर छत का प्लास्टर गिर चुका है। परिसर में बनी पानी की टंकी गिरने की स्थिति में है, जिससे पेयजल संकट बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नया भवन शीघ्र हैंडओवर कर स्वास्थ्य सेवाओं को सुरक्षित वातावरण में संचालित किया जाए।