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VIDEO: अफवाह से पेट्रोल पंपों पर हड़कंप, टंकी फुल कराने की होड़

अमेठी सिटी। पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाह ने शुक्रवार को जिले में अफरा-तफरी मचा दी। सुबह होते ही पेट्रोल पंपों पर टंकी फुल कराने की होड़ लग गई। देखते ही देखते लंबी कतारें सड़क तक पहुंच गईं। कई स्थानों पर हालात बेकाबू नजर आए। अचानक बढ़ी मांग के चलते पंप संचालकों ने आपूर्ति सीमित कर दी। गौरीगंज, अमेठी, जायस, मुसाफिरखाना और तिलोई में सुबह से भारी भीड़ रही। कतारें सड़क तक पहुंचने से यातायात प्रभावित हुआ और कई जगह जाम जैसे हालात बने। दोपहिया वाहनों को 200 रुपये और चौपहिया को 1000 रुपये तक ही ईंधन दिया गया। इससे अधिक लोगों तक ईंधन पहुंचाने का प्रयास किया गया। दो दिन में खपत कई गुना बढ़ गई। सामान्य दिनों में 3 से 4 लाख लीटर बिक्री होती है, जबकि शुक्रवार को यह बढ़कर 10 से 12 लाख लीटर तक पहुंच गई। जरूरत से अधिक ईंधन भराने की होड़ में कई पंपों का स्टॉक तेजी से खत्म हुआ।गौरीगंज के पंप प्रबंधक अपूर्ण पांडेय ने बताया कि रोज 3000 से 3500 लीटर पेट्रोल की बिक्री होती थी, जो शुक्रवार को 12 हजार लीटर पार कर गई। अचानक बढ़ी मांग से व्यवस्था संभालना मुश्किल हो गया। प्रशासन ने स्थिति संभालने के लिए सक्रियता बढ़ाई। पूर्ति विभाग ने पंपों का निरीक्षण किया, पुलिस ने गश्त तेज की। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और अनावश्यक भीड़ से बचने की अपील की गई। ग्रामीण इलाकों में बढ़ी परेशानी भादर, बाजार शुकुल, सिंहपुर और शाहगढ़ में हालात ज्यादा खराब रहे। कई पंपों पर पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया। कुछ जगह सीमित आपूर्ति हुई, जबकि कुछ पंप बंद करने पड़े। सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा। गेहूं की मड़ाई और अन्य कृषि कार्य प्रभावित हुए। कई किसानों को डीजल नहीं मिला और उन्हें लौटना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता का माहौल बना रहा। घंटों इंतजार के बाद मिला तेल कई पंपों पर वाहन चालकों को दो-दो घंटे इंतजार करना पड़ा। कतारें इतनी लंबी रहीं कि सड़क तक फैल गईं। उपभोक्ताओं ने कहा कि पहले कभी ऐसी भीड़ नहीं देखी। तीन गुना तक बढ़ी बिक्री बृहस्पतिवार से ही बिक्री में उछाल शुरू हो गया था। कई पंपों पर सामान्य से तीन गुना तक ईंधन बिका। रोज 3-4 हजार लीटर की बिक्री बढ़कर 10-12 हजार लीटर तक पहुंच गई। इनसेट: सीमित आपूर्ति का फैसला भीड़ नियंत्रित करने के लिए पंप संचालकों ने सीमा तय की। दोपहिया को 200 और चौपहिया को 1000 रुपये तक ही ईंधन दिया गया, जिससे ज्यादा लोगों तक ईंधन पहुंच सका। पूर्ति विभाग के अनुसार कुछ लोग गैलन और डिब्बों में पेट्रोल-डीजल जमा कर रहे हैं। इससे कृत्रिम कमी की स्थिति बनी। प्रशासन ने ऐसे लोगों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। मांग के अनुसार नहीं मिला रहा तेल किसान रमेश यादव ने बताया कि सुबह से लाइन में लगा हूं, मौसम भी बिगड़ रहा है। डीजल नहीं मिला तो सरसो की मड़ाई का काम रुक जाएगा। अमित तिवारी ने कहा कि अफवाह के कारण जरूरत से ज्यादा लोग आ गए, बिना वजह भीड़ बढ़ी। शकील अहमद के कहा दो घंटे इंतजार के बाद थोड़ी मात्रा में पेट्रोल मिला, पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं देखी। पिंकी देवी ने कहा कि घर के काम के लिए स्कूटी में पेट्रोल चाहिए था, लंबी लाइन से काफी परेशानी हुई नहीं है कोई कमी डीएमओ शशिकांत ने बताया कि जिले में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। अफवाहों के कारण ही स्थिति बिगड़ी है। सभी पंपों पर नियमित रूप से टैंकर भेजे जा रहे हैं और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता के अनुसार ही ईंधन भरवाएं। संयम बरतने से ही व्यवस्था सुचारु रह सकती है। पेट्रोल पंप: 141 डीजल स्टॉक: 1401 किलोलीटर पेट्रोल स्टॉक: 1403 किलोलीटर डीजल खपत: 181 किलोलीटर प्रतिदिन पेट्रोल खपत: 179 किलोलीटर प्रतिदिन

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