पेपर लीक को देशद्रोह की श्रेणी में लाने की मांग, राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन आजाद समाज पार्टी ने जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित कार्रवाई रोकने, प्रभावित छात्रों को न्याय और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की उठाई आवाज अमेठी सिटी: आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने शनिवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर पेपर लीक की घटनाओं को देशद्रोह की श्रेणी में शामिल करने की मांग की। संगठन ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और इन पर कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए। जिलाध्यक्ष राजेश कुमार कोरी की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार वर्षों की मेहनत और संसाधन बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों से उनकी उम्मीदों को गहरा झटका लगता है। संगठन ने मांग की कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष, त्वरित और समयबद्ध जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए तथा परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए। ज्ञापन में नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक का उल्लेख करते हुए प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय, पुनर्परीक्षा और उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई गई। इसके अलावा रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने की अपील की गई। संगठन का कहना है कि किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई से वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। पार्टी ने राष्ट्रपति से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है। इस दौरान जिलाध्यक्ष राजेश कुमार कोरी आदि मौजूद रहे।