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अमेठी में सूरज की तपिश से थमा जनजीवन, उमस भरी रातों ने छीनी राहत

अमेठी में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित कर दी है। सुबह आठ बजे के बाद ही तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर रही हैं। दोपहर होते-होते सड़कें सूनी पड़ जा रही हैं और बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम दिखाई दे रही है। जिले में तापमान लगातार 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। दोपहर में चल रही लू जैसी हवाओं से लोग अधिक देर तक बाहर नहीं रुक पा रहे हैं। बाइक सवार चेहरे को कपड़े से ढंककर निकल रहे हैं, जबकि राहगीर पेड़ों और दुकानों की छांव तलाशते नजर आ रहे हैं। गौरीगंज निवासी उपेंद्र सिंह ने बताया कि दोपहर में बाहर निकलते ही शरीर झुलसने लगता है। रात में बिजली कटौती से उमस और बढ़ जाती है, जिससे ठीक से नींद भी नहीं आ पा रही। राजेश यादव ने कहा कि गर्मी के कारण बच्चों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। रातभर बिजली आने-जाने से छोटे बच्चे बार-बार जाग जाते हैं। पूजा सिंह ने बताया कि रसोई में काम करना मुश्किल हो गया है, क्योंकि पंखे और कूलर भी गर्म हवा दे रहे हैं। रमेश तिवारी ने कहा कि खेतों में काम करने वाले मजदूर दोपहर से पहले ही लौटने लगे हैं। मोहम्मद आरिफ के अनुसार बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है और कई लोग सिरदर्द, थकान व कमजोरी महसूस कर रहे हैं। सड़क किनारे नींबू पानी, बेल शरबत और गन्ने के रस की दुकानों पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है। दूसरी ओर बिजली कटौती से पंखे, कूलर और फ्रिज बंद होने पर घरों में घुटन महसूस हो रही है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि बढ़ते तापमान का असर सब्जियों, मेंथा और दलहनी फसलों पर पड़ रहा है। किसानों को सुबह और शाम के समय ही सिंचाई करने तथा पशुओं को पर्याप्त पानी देने की सलाह दी गई है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्रा के अनुसार अगले कुछ दिनों तक तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ने की आशंका है।

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