अमेठी में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ने के बाद लोगों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। महंगाई का असर अब रसोई से लेकर सफर और खेती तक महसूस किया जा रहा है। अमेठी सहित आसपास के कस्बों में कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध न होने से वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पेट्रोल की कीमत तीन रुपये बढ़ने के बाद 98.69 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। डीजल 3.1 रुपये महंगा होकर 91.85 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इससे पहले सीएनजी, कॉम र्शियल गैस और दूध के दाम भी बढ़ चुके हैं। लगातार बढ़ती कीमतों ने मध्यमवर्गीय परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। गौरीगंज स्थित पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने पहुंचे राम किशोर ने कहा कि लगातार महंगाई बढ़ने से घरेलू खर्च संभालना कठिन हो गया है। उनका कहना रहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर आम लोगों पर पड़ रहा है। नागेंद्र सिंह बोले कि छोटी बढ़ोतरी भी पूरे महीने का हिसाब बिगाड़ देती है। गैस सिलेंडर, दूध और अब पेट्रोल-डीजल महंगा होने से खर्च लगातार बढ़ रहा है। अरुण कुमार ने सरकार से महंगाई नियंत्रित करने की मांग उठाई। किसान दिनेश कुमार तिवारी ने कहा कि डीजल महंगा होने से जोताई, सिंचाई और परिवहन खर्च बढ़ जाएगा। खाद-बीज समेत खेती से जुड़ी दूसरी सामग्री के दाम भी प्रभावित होंगे। ऐसे हालात में खेती की लागत निकालना कठिन हो सकता है। अमेठी के पेट्रोल पंप संचालक राम मिलन ने बताया कि मंगलवार से पेट्रोल और डीजल का स्टॉक समाप्त है। भुगतान पहले ही जमा कराया जा चुका है, फिर भी डिपो से आपूर्ति नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि पेट्रोल-डीजल के साथ सीएनजी के दाम भी बढ़ गए हैं।