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अमेठी में एक साथ उठी तीन अर्थियां... रो पड़ा पूरा गांव

अमेठी में एक साथ तीन अर्थियां उठी तो पूरा गांव रो पड़ा। परिजनों की चीखों से गलिया चीख उठीं। डोगरा रेजीमेंट ने दिवंगत लांस नायक को सलामी दी। आगे पढ़ें पूरा अपडेट... यूपी के अमेठी में महाराजपुर गांव रविवार सुबह अलग-अलग तीन घरों से एक साथ तीन अर्थियां उठीं। गांव में चारों तरफ परिजनों के रोने की आवाजें सुनकर सबकी आंखें नम हो गईं। लांस नायक उत्कर्ष सिंह का पार्थिव शरीर मानिकपुर घाट ले जाया गया। बृजेश उर्फ अंशू को शृंगवेरपुर घाट पर अंतिम विदाई मिली। वहीं बजरंग सिंह का संस्कार गांव के बाग में हुआ। बताते चलें कि शुक्रवार की रात पीपरपुर के हारीपुर में दोस्त हीरालाल के वैवाहिक कार्यक्रम से घर लौटते समय अमेठी–सुल्तानपुर मार्ग पर थौरा के पास डीसीएम की टक्कर में बुलेट सवार तीनों युवकों की मौत हो गई। महाराजपुर गांव निवासी भारतीय सेना के लांस नायक उत्कर्ष सिंह (32), बजरंग सिंह (27) और बृजेश उर्फ अंशू (30) ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचे तो रातभर चीख-पुकार मची रही। रविवार सुबह जैसे ही तीनों की अर्थियां एक साथ उठीं, गांव में रोने की आवाजें गूंजने लगी। लांस नायक उत्कर्ष की विदाई में डोगरा रेजीमेंट की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सैन्य सलामी के दौरान परिजन खुद को संभाल नहीं सके। पिता शेरबहादुर का बार-बार मूर्छित होना लोगों का दिल पिघला गया। पत्नी सोनम के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। छोटे बच्चे माही और रुद्र मां से चिपककर रोते रहे। रिश्तेदार और ग्रामीण सुबह से ही जमा रहे। हर कोई टूटे परिवारों को ढांढस बंधाने में लगा रहा। बजरंग की पत्नी मुस्कान का रो-रोकर बुरा हाल रहा। एक साल के बेटे ने पिता के पार्थिव शरीर को छूकर रोना शुरू किया तो वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। अंशू की मौत ने मां माधुरी को तोड़ दिया। वह लगातार बेटे का नाम पुकारती रहीं। पिता बृजेश और बहनें प्रतिमा व पूनम भी गहरे सदमे में नजर आए। अचानक हुए हादसे ने गांव में तीन घरों के दीप बुझा दिए।

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