अमेठी में पिछले कुछ दिनों से तापमान में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी और चिलचिलाती धूप ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। सबसे बुरा हाल स्कूली नौनिहालों का है, जिन्हें इस झुलसा देने वाली गर्मी में दोपहर के समय घर लौटने को मजबूर होना पड़ रहा है। जिले का पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे सड़कों पर लू के थपेड़े चल रहे हैं। जिले में लगभग 1570 परिषदिय विद्यालय और 2000 से अधिक अन्य स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनका संचालन सुबह 7.30 से दोपहर 12.30 बजे तक हो रहा है। सुबह मौसम ठंडा रहता है, लेकिन दोपहर होते-होते क्लासरूम भी गर्म हो जाते हैं। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम पारा बढ़ने से मौसम में उसम ने बेहाल कर दिया। गौरीगंज के पचेहरी स्थित मॉडल स्कूल में दोपहर 12.30 बजे अवकाश हुआ तो बच्चे कड़ी धूप में पैदल व साइकिल से जाते नजर आए। बच्चे गर्मी से सिहर रहे हैं। वे पसीने से लथपथ दिखे। बच्चे धूप से बचने के लिए स्कूल बैग, रुमाल या दुपट्टे का सहारा लेते नजर आए। अभिभावक चिंतित होकर छतरियों और ठंडे पानी की बोतलों के साथ पहुंचते हैं। उन्होंने बच्चों को लू लगने और पानी की कमी से बचाने के उपाय करने की मांग की। वहीं सुबह नौ बजे के बाद ही सूरज की किरणें तल्ख होती गईं। दोपहर में तो आग उगलती सूरज की किरणों के सामने टिकना मुश्किल हो गया। आलम यह रहा कि गर्मी और धूप से बचाव के लिए अधिकतर लोग घरों में ही कैद रहे। जरूरी काम से बाहर निकलने वालों ने धूप और गर्मी से बचाव का इंतजाम किया। सुबह नौ बजे के बाद सूरज की किरणें तेज हो गईं। दोपहर में आग उगलती धूप में बाहर टिकना मुश्किल था। अधिकतर लोग गर्मी से बचाव के लिए घरों में ही रहे। मौसम विशेषज्ञ डॉ. अमर नाथ मिश्र ने आगामी 24 घंटे का पूर्वानुमान बताया। उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश में शुष्क मौसम और सामान्य से अधिक तापमान की संभावना जताई है। औसत तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की उम्मीद है। यह भी कहा कि इस दौरान हवा सामान्य व सामान्य से तेज गति से पश्चिमी (लू) चलने की संभावना है।