नगर पंचायत जहांगीरगंज की ओर से सोमवार को भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नगर पंचायत के कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल हुए। कार्यक्रम में उच्च प्राथमिक कंपोजिट विद्यालय जहांगीरगंज के छोटे छोटे बच्चों को भी शामिल किया गया। आयोजन के दौरान एक गंभीर लापरवाही सामने आई। आरोप है कि बच्चों को विद्यालय से कार्यक्रम स्थल तक लाने के लिए कूड़ा ढोने वाले वाहन का इस्तेमाल किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब बच्चों को कूड़ा वाहन में बैठाया जा रहा था उस समय विद्यालय के अध्यापक भी मौके पर मौजूद थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि घटना के दौरान न केवल स्वच्छता मानकों की अनदेखी हुई बल्कि बच्चों की सुरक्षा को भी खतरे में डाला गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि छोटे छोटे बच्चे खुले कूड़ा वाहन में बैठे हैं और वाहन रैली की ओर बढ़ रहा है। हालांकि अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि बच्चों को सुरक्षित व स्वच्छ साधन से लाने की बजाय कूड़ा वाहन का इस्तेमाल क्यों किया गया। ईओ उमेश पासी ने बताया कि तिरंगा यात्रा के दौरान जिस वाहन में स्कूल के बच्चों को लाया गया था, वह वाहन विशेष रूप से नगर पंचायत के कार्यों के लिए रखा जाता है। इसका उपयोग कर्मचारियों एवं अन्य व्यक्तियों को ले जाने के लिए किया जाता है। इस वाहन को कूड़ा उठाने में प्रयोग नही किया जाता है।