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अंबेडकरनगर में जर्जर तारों के सहारे बिजली व्यवस्था, तार टूटते ही ग्रामीणों को देना पड़ता है चंदा

अंबेडकरनगर में विद्युत उपकेंद्र रफीगंज के सेमरा फीडर से जुड़े सिंहोरिया गांव में करीब 200 मीटर जर्जर तार ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। हालत यह है कि शॉर्ट सर्किट होते ही तार जलकर नीचे गिर जाता है और बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। तार जुड़वाने के लिए ग्रामीणों को घर-घर जाकर 20 से 50 रुपये तक चंदा जुटाना पड़ता है। इसके बाद निजी लाइनमैन को भुगतान कर तार जुड़वाने की व्यवस्था करनी पड़ती है। ग्रामीण रामफेर, विनोद मौर्य और रामअचल का कहना है कि करीब एक वर्ष पहले लगभग 50 लोगों ने अधिशासी अभियंता को ज्ञापन देकर जर्जर तार बदलवाने की मांग की थी। इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों को कई बार मौखिक रूप से भी समस्या बताई गई, लेकिन हर बार तार टूटने पर अस्थायी रूप से जोड़कर आपूर्ति बहाल कर दी जाती है। विभाग को बार-बार सूचना देने के बावजूद पुराने तार नहीं बदले जा रहे हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से जर्जर तारों को तत्काल बदलवाने, 11 हजार वोल्ट की लाइन के आसपास सुरक्षा जाल लगाने और बार-बार होने वाली तार टूटने की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

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