बसखारी के किछौछा में धर्मांतरण प्रकरण पर शनिवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। अकबरपुर के एक रिसॉर्ट में आयोजित प्रेसवार्ता में विहिप के प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप ने आरोप लगाया कि धर्मांतरण के लिए इस्तेमाल किए गए कथित अवैध गेस्ट हाउस पर अब तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं की गई जबकि नगर पंचायत पहले ही नोटिस जारी कर चुका है। उन्होंने बताया कि आजमगढ़ निवासी राज उर्फ अरमान ने दो सगी नाबालिग हिंदू बहनों को किछौछा स्थित एक गेस्ट हाउस में लंबे समय तक रखा, जहां उनका धर्मांतरण कराया गया और दुष्कर्म किया गया। इस मामले में 5 मई 2026 को बेवाना में मामला दर्ज हुआ था। विजय प्रताप का कहना है कि जांच के बाद नगर पंचायत किछौछा ने 19 जून 2026 को संबंधित गेस्ट हाउस संचालक को दस्तावेज प्रस्तुत करने का नोटिस जारी करते हुए समय सीमा के भीतर अभिलेख न देने पर ध्वस्तीकरण की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद लगभग दो महीने बाद भी भवन के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रेसवार्ता में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किछौछा क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के मामलों में भी प्रशासन अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रहा है। अवैध मस्जिद निर्माण रोकने पर भी सहयोग नहीं मिला। उन्होंने मांग की कि धर्मांतरण प्रकरण से जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए तथा अवैध निर्माणों पर बिना भेदभाव बुलडोजर चलाया जाए। इस दौरान जिलाध्यक्ष हृदय मणि मिश्रा, चेयरमैन किछौछा अशरफपुर ओमकार गुप्ता समेत अन्य लोग मौजूद रहे।