गेय प्रधान इस नौटंकी को देखने के लिए बारिश के बावजूद समय से पहले ही प्रेक्षागृह की कुर्सियां दर्शकों से खचाखच भर गईं। शुरुआत हुई सुग्गी-सुग्गा और मेढकी के संगम स्नान की कामना से। लोक संगीत, लोक गीत एवं लोक नाट्य के इस समागम में कई पुटों का समावेश था। बिरहा से लेकर रामलीला तक की गायकी ने इस नौटंकी को खास बना दिया।