मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में दिव्यांग बोर्ड की बैठक के दौरान मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का सामना करना पड़ता है। बोर्ड की तरफ से रेफर करने के बाद मरीजों को डॉक्टर को दिखाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। इनमें नैदानिक मनोवैज्ञानिक और न्यूरो सर्जन की कमी ज्यादा परेशानी का कारण बनी हुई है। दिव्यांग बोर्ड के अध्यक्ष डॉ राजेश सिंह ने बताया कि कई डॉक्टरों की कमी होने या अवकाश होने के कारण परेशानी होती है।