धनतेरस के साथ ही शनिवार को पूरे देश में दीपों के पर्व दिवाली की पांच दिवसीय शुरुआत हो चुकी है। इस शुभ अवसर पर उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज भी पूरी तरह उत्सव के रंग में रंगी नजर आ रही है। शहर के फूल बाजार इन दिनों रंग-बिरंगे फूलों और खुशबू से गुलजार हैं। हर ओर रौनक, खरीदारी और उमंग का माहौल है।
लोग अपने घरों को सजाने, पूजा-पाठ करने और भगवान को अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में फूल खरीदने बाजार पहुंच रहे हैं। सुबह से ही फूल मंडियों और दुकानों पर खरीदारों की भीड़ देखी जा सकती है। हर कोई अपने घर को सुंदर बनाने और मंदिरों को सजाने के लिए ताजे और आकर्षक फूल चुनने में व्यस्त है।
फूल कारोबारियों के मुताबिक, दिवाली के दौरान पारंपरिक रूप से कमल और गेंदे के फूलों की सबसे ज्यादा मांग रहती है। खासकर लक्ष्मी-गणेश पूजा के लिए कमल का विशेष महत्व होने से इसकी बिक्री कई गुना बढ़ जाती है। इसके अलावा गुलाब, रजनीगंधा और चमेली जैसे फूल भी खूब बिक रहे हैं।
बढ़ती मांग का असर फूलों की कीमतों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कुछ किस्मों की कीमतें सामान्य दिनों की तुलना में लगभग दोगुनी हो गई हैं। जहां सामान्य दिनों में गेंदे की माला 50 रुपये दर्जन बिकती थी, वहीं अब वही 100 रुपये या उससे अधिक में मिल रही है। कमल के फूलों की कीमतों में भी उल्लेखनीय उछाल देखा जा रहा है।
व्यापारी इस रौनक से बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। उन्हें उम्मीद है कि दिवाली के मुख्य पर्व तक लोगों की खरीदारी और बढ़ेगी, जिससे कारोबार में अच्छा मुनाफा होगा।
त्योहार की चहल-पहल के बीच फूलों की महक से महकता प्रयागराज इस समय सचमुच दिवाली की आभा में नहाया हुआ है — हर गली, हर बाजार और हर चेहरे पर खुशियों की रौशनी झिलमिला रही है।