एएमयू के फाइन आर्टस ने 120 बच्चों पर अध्ययन किया। जिसमें पाया कि यदि आपके बच्चे भी दीवारों पर लकीरें खींचते हैं तो उन्हें डांटे नहीं, बल्कि शाबासी दें, उनके मन की कल्पनाशीलता को उड़ान भरने दें। एएमयू फाइन आर्टस विभागाध्यक्ष डॉ आबिद हादी के निर्देशन में लवली वार्ष्णेय ने पांच साल कतक बाल कला के विभिन्न चरणों का विश्लेषणात्मक अध्ययन किया।