पुराणों के अनुसार, ब्रज चौरासी कोस यानी लगभग 252 किलोमीटर की परिक्रमा को करने से मनुष्य को 84 लाख योनियों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इगलास के हस्तपुर की गायत्री अपनी सास को रिक्शा में बैठाकर चौरसी कोस की परिक्रमा करवा रही है। उसने रिक्शा 150 रुपए प्रति दिन के हिसाब से किराए पर लिया है।