राकेश टिकैत और किसानों ने साफ कर दिया है कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। किसानों का कहना है कि वे किसी भी हाल में पीछे नहीं हटेंगे। दूसरी ओर, प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। यमुना एक्सप्रेसवे पर किसानों और पुलिस के बीच टकराव ने हालात को गंभीर बना दिया है। किसानों की मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार के रुख पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार किसानों की मांगों पर क्या कदम उठाती है और यह आंदोलन किस दिशा में जाता है।