श्रीराम के जन्म से सतवन्ती सीता की विजय तक लिखी गई राधेश्याम रामायण का नाम आपने कम सुना होगा, लेकिन यह रामायण हिन्दी, उर्दू, अवधी और ब्रजभाषा के आम शब्दों के साथ एक विशेष गायन शैली में रचित है, जिसे प्रसिद्ध साहित्यकार पंडित राधेश्याम कथावाचक ने रचा। आगरा रोड स्थित पड़ियावली निवासी 65 वर्षीय कैलाश चंद्र को चिंता सता रही है कि कहीं ये अतीत के पन्नों में न खो जाए।