आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में सिजेरियन के साथ रसौली का ऑपरेशन किया है। एक साथ दोनों ऑपरेशन करना जटिल था। प्रसूता और नवजात ठीक हैं और इनको डिस्चार्ज कर दिया है। स्त्री रोग विभाग की डॉ. दिव्या यादव ने बताया कि अलीगढ़ की रहने वाली 27 साल की गर्भवती महिला मंतशा अली एसएन में भर्ती हुईं। ये 37 सप्ताह की गर्भवती थीं। इन्होंने बताया कि गर्भाशय में रसौली है। हाइपोथायरायडिज्म से भी पीड़ित हैं, इसमें थायरॉयड ग्रंथि पर्याप्त थायरॉयड हार्मोन नहीं बनाती। ऐसे में जांच करने पर गर्भाशय के निचले हिस्से में करीब 8 सेमी का आकार था। सिजेरियन के साथ रसौली का ऑपरेशन जोखिम भरा रहता है, इसमें रक्तश्राव अधिक होता है। सामान्यतः प्रसव के बाद ही रसौली निकाली जाती है। इसके लिए दोबारा ऑपरेशन करना पड़ता है। ऐसे में गर्भवती और इनके परिजन की रजामंदी के बाद सिजेरियन के साथ रसौली का भी ऑपरेशन किया। प्रसूता-नवजात ठीक हैं। दोनों को डिस्चार्ज कर दिया है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता और विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा सिंह ने बताया कि एसएन में जटिल ऑपरेशन भी हो रहे हैं, यहां निशुल्क सुविधा है। ऑपरेशन में डॉ. उर्वशी, डॉ. सुमन गुप्ता, डॉ. नीलांक्षा, डॉ. प्रतिमा का सहयोग रहा।