देश में आज भी ऐसे लोग मौजूद हैं, जो अपनी मां और बुजुर्गों की सेवा के लिए अलग सोच रखते हैं। युवाओं की सोच बदलने के लिए सेवाभावी पुत्र ने कुछ ऐसा ही कर दिखाने का सपना संजोया है। जो 89 वर्ष की अपनी मां की ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा लगाने की इच्छा पूरी कर रहे हैं। ऐसे श्रवण कुमार पुत्र की हर कोई सराहना कर रहा है।