आगरा में जहां एक ओर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सौ साल से अधिक पुराने वृक्षों को बचाने की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं दिख रहे हैं। सीएम ग्रिड परियोजना के तहत हरीपर्वत चौराहे पर खुदाई के दौरान 100 वर्ष से अधिक पुराना पीपल का पेड़ गिरने के मामले में अब वन विभाग और नगर निगम दोनों ही जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। वन विभाग का कहना है कि इस मामले से उसका कोई लेना-देना नहीं है, जबकि नगर निगम का दावा है कि उसने चार महीने पहले ही तीन पेड़ों को हटाने के संबंध में डीएफओ को पत्र भेज दिया था। हालांकि, पर्यावरण नियमों और ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में लागू व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।