तीखी मिर्च, धनिया या फिर गर्म मसाला। भोजन को स्वादिष्ट बनाने के साथ यह आगरा में हजारों लोगों को रोजगार दे रहा है। कारोबारियों का कहना है कि नई मशीनों, उद्यम शुरू करने के लिए सब्सिडी और मसाला क्लस्टर बन जाए तो विदेशों तक मसालों की महक फैलेगी। जिले में 50 से अधिक मसाला निर्माता इकाई हैं। इनमें 10-12 ब्रांडेड हैं। मसाला के 10 हजार से अधिक फुटकर विक्रेता हैं। एक लाख से अधिक लोगों को इससे रोजगार भी मिल रहा है। ब्रांडेड कंपनियों को छोड़ दिया जाए तो मसाला बिक्री प्रदेश भर में ही सिमटी है। मसाला उद्यम को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर बनाया जाने की जरूरत बढ़ गई है, जिससे नई तकनीकी वाली मशीनें स्थापित की जा सकें। मसाला उद्यमियों की मांग है कि मैन्युफैक्चरर्स यूनिट शुरू करने के लिए बिजली, पानी, सड़क और अन्य की सुविधा हो। सस्ती दर पर प्लॉट दिया जाए। मसाला फेयर भी लगाया जाए, जिसमें देश-विदेश से उद्यमी आएं। इससे निर्यात बढ़ सके। नए उद्यम लगाने, मशीनें खरीदने समेत अन्य के लिए सब्सिडी देने के साथ इनमें बढ़ोत्तरी भी की जाए। बढ़ते शहर को देखते हुए नई मसाला मंडी भी बनाई जाए।