आगरा। घंटे न दिन-रात देखा। इमरजेंसी हुई तो घर से भी अस्पताल पहुंचे। बार-बार मरीज देखना। कई बार मरीज-तीमारदार का गुस्सा भी झेलते। जैसे ही मरीज ठीक होकर थैंक्यू बोलते...सच कहूं चेहरे पर आभार भरी खुशी देख थकान और काम का दबाव सब भूल जाते। ऐसे ही नर्सिंग स्टाफ, डॉक्टरों का सहयोगी बनकर मरीजों की सेवा कर रहा है। राजकीय नर्सेज संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश त्यागी ने बताया कि फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने क्रीमिया युद्ध में घायल सैनिकों की सेवा की। उनकी जयंती को नर्सिंग दिवस के रूप में मनाकर नमन करते हैं।