ताजनगरी आगरा में फतेहाबाद कस्बा की जमुना गली में सोमवार की सुबह कपड़े के शोरूम में इनवर्टर की बैटरी फटने से भीषण आग लग गई। शोरूम के ऊपरी मंजिल पर व्यापारी का परिवार भी रहता है। वह भी आग में फंस गया था। आसपास के लोगों ने परिवार के लोगों को किसी तरह सुरक्षित निकाला। तीन घंटे तक चार दमकल गाड़ियों ने जूझने के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया।
जमुना गली में शिवम गारमेंट्स के नाम से शिवम गुप्ता की दुकान है। उन्होंने बताया कि सोमवार की सुबह करीब 4:00 बजे इनवर्टर में दिक्कत आने पर दूसरा इनवर्टर चालू किया था। इसके कुछ देर बाद पिताजी सबमर्सिबल पंप चालू करने गए तो तेज धमाके के साथ इनवर्टर की बैटरी फटी और आग लग गई।
आग लगने पर आसपास के दौड़े। फायर ब्रिगेड को फोन नहीं लगने पर एक व्यक्ति बाइक से फायर सर्विस स्टेशन जाकर हादसे की जानकारी दी। इस बीच आग फैलकर शोरूम और पीछे घर में निचली मंजिल पर बने गोदाम को भी अपनी चपेट में ले लिया वहीं ऊपरी मंजिल पर रहना वाला व्यापारी परिवार भी लपटों में फंस गया था।
लोगों ने किसी तरह परिवार को लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं घर में लगे पत्थर भी आग के कारण चटकने लगे। इसके धमाके की आवाज से आसपास के लोग परेशान हो गए। किचन में रखे गैस सिलिंडर के फंसने की आशंका से भी लोगों के होश उड़ गए।
हालांकि दमकलकर्मियों ने सिलिंडर को बाहर निकाल लिया था। आग की विकरालता को देखते हुए बाह और आगरा से भी दमकल की दो गाड़ियां मंगाई गईं। सभी गाड़ियों ने दो-दो चक्कर पानी भरकर करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया।
आसपास के घरों में फैलने की आशंके से डरे लोग
आग इतनी विकराल थी कि आसपास के भड़की कि आसपास के घरों को भी चपेट में लेने की आशंका पैदा हो गई। लोगों ने बताया कि धुएं का गुबार फतेहाबाद के बाहर कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था। इससे आसपास के घरों को आनन फानन में खाली करा दिया गया। वहीं हादसे के बाद व्यापारियों में रोष भी दिखा। लोगों का कहना था कि एक दमकल की गाड़ी आग को कैसे काबू किया जाएगा। विरोध के बाद भी बाह और आगरा से दमकल की गाड़ियों को बुलाया गया।
गली तंग होने से बुझाने में आई दिक्कत
जमुना गली तंग होने के कारण फायर सर्विस की गाड़ी आग लगे घर तक नहीं पहुंच सकी। इस पर गांधी चौक से लगभग 500 मीटर दूर से पाइप डालकर दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। सुबह 6:30 बजे के करीब आग लगने की सूचना मिली थी। वहीं 10:30 बजे तक आग बुझाई जा सकी। आग लगने से मकान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। दीवारें चटक गई हैं। छत के पत्थर धमाके के साथ नीचे गिर गए हैं।