आगरा के सुशील नगर, गढ़ी चांदनी (थाना एत्माद्दौला) क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक चार वर्षीय बच्चे का अपहरण हो गया। बाद में पता चला कि यह अपहरण किसी और ने नहीं बल्कि बच्चे के सगे चाचा ने ही अपने तीन साथियों के साथ मिलकर किया था। पुलिस की तत्परता और इलाके में की गई घेराबंदी के चलते करीब पांच घंटे बाद बच्चा सुरक्षित मिल गया।
घटना शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे की है। सुशील नगर निवासी सोनू वर्मा की प्रकाश नगर में ‘राधे राधे ज्वैलर्स’ के नाम से ज्वैलरी की दुकान है। वह पत्नी कामिनी और चार वर्षीय बेटे जय कुमार के साथ रहते हैं। उनके माता-पिता निहाल सिंह और पदमा देवी पास के ही दूसरे मकान में छोटे बेटे गगन के साथ रहते हैं।
दोपहर में जय घर से दादी के घर जाने निकला, लेकिन वहां नहीं पहुंचा। कुछ देर बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, पर कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच शाम करीब 4 बजे सोनू के मोबाइल पर एक व्हाट्सएप कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने दो लाख रुपये की फिरौती मांगी और रकम न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी। घबराए पिता निहाल सिंह तुरंत थाने पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी।
सूचना मिलते ही डीसीपी सिटी सोनम कुमार और एसीपी छत्ता पियूष कांत राय मौके पर पहुंचे और छह टीमें गठित कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक युवक बच्चे का हाथ पकड़कर ले जाता दिखा। फुटेज से उसकी पहचान गगन वर्मा के रूप में हुई, जो बच्चे का चाचा निकला। पुलिस ने गगन की तलाश में इलाके की घेराबंदी कर दी।
करीब रात नौ बजे बच्चा अचानक अपनी दादी के घर के पास पैदल आता दिखा। पुलिस ने उसे सुरक्षित परिजनों के हवाले कर दिया। इस दौरान बच्चे की मां कामिनी बेटे को देखकर फूट-फूटकर रो पड़ीं और उसे सीने से लगा लिया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी गगन जुआ खेलने का आदी है और पैसों की जरूरत के चलते उसने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची थी। एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हैं। बच्चे के सुरक्षित लौटने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार जताया।