कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता और किसी भी काम को करने का अधिकार किसी एक का नहीं। इसी कहावत पर खरी उतरी हैं महाराष्ट्र के कोल्हापुर की रहने वाली शांता बाई। शांताबाई को देश की पहली महिला नाई कहा जाता है। इन्होंने इस काम में पुरुषों के एकाधिकार को तोड़ते हुए एक नई इबारत लिखी।