अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 के तहत दूसरे दिन ऐतिहासिक गेयटी थिएटर के सभागार में आयोजित पहाड़ी कवि सम्मेलन में साहित्य, भाषा और संस्कृति के विविध रंग देखने को मिले। कार्यक्रम में प्रदेश और देश के प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को हिमाचल की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया। कार्यक्रम में शिमला के उपायुक्त एवं अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव समिति के अध्यक्ष अनुपम कश्यप मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे। सम्मेलन में दूसरे दिन डॉ. ओ.पी. शर्मा, डॉ. मस्त राम शर्मा, डॉ. सूरत ठाकुर, डॉ. करम सिंह, डॉ. शंकर वशिष्ठ, त्रिलोक सूर्यवंशी, प्रताप प्रशार, राम लाल पाठक, अशोक दर्द, उमा ठाकुर नढाइक, कृष्ण चंद महादेविया सहित अन्य कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। कविताओं में पहाड़ी भाषा, लोक संस्कृति, सामाजिक सरोकारों और हिमाचली जनजीवन की झलक देखने को मिली। कवि सम्मेलन ग्रीष्मोत्सव के साहित्यिक आयोजनों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रदेश की भाषा, साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, विद्यार्थी, शोधार्थी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। ग्रीष्मोत्सव समिति ने बताया कि आगामी दिनों में भी हिंदी और पहाड़ी साहित्य से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्रदेश और देश के ख्याति प्राप्त साहित्यकार भाग लेंगे। साहित्यिक आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को हिमाचल की सांस्कृतिक और भाषाई धरोहर से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।