तिब्बत की संस्कृति और भाषा के संरक्षण की मांग को लेकर राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में तिब्बती समुदाय के लोगों ने भूख हड़ताल शुरू की है। तिब्बत महिला मंडल की महिलाओं के साथ पुरुष भी प्रदर्शन में शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने चीन में तिब्बती समुदाय से जुड़े नए नियमों का विरोध जताया है। तिब्बत महिला मंडल की प्रतिनिधि कालसांग यांचिन ने कहा कि चीन में तिब्बती समुदाय की संस्कृति को खत्म करने के प्रयासों के विरोध में यह प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि चीन में ‘एक देश, एक भाषा’ कानून बनाया गया है, जिसके चलते तिब्बत की अगली पीढ़ी को अपनी भाषा और संस्कृति छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि तिब्बती भाषा और संस्कृति उनकी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनका आरोप है कि नई नीतियों के कारण आने वाली पीढ़ियों पर इसका असर पड़ रहा है। इसी के विरोध में समुदाय के लोग शिमला में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। समुदाय के सदस्य तेंजिन सुबोरम ने बताया कि बुधवार दोपहर 3 बजे समुदाय के वरिष्ठ लोग मुंडन करवाकर विरोध जताएंगे। इसके माध्यम से तिब्बती समुदाय अपनी मांगों और विरोध को सामने रखने की बात कह रहा है। चौड़ा मैदान में भूख हड़ताल के दौरान तिब्बती समुदाय के लोगों ने अपनी संस्कृति, भाषा और पहचान के संरक्षण की मांग उठाई है।