राजधानी शिमला का ऐतिहासिक राम बाजार इन दिनों अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। पैदल मार्ग पर दुकानों के बाहर रखा सामान और ऊपर तक फैली तिरपालों के कारण बाजार का बड़ा हिस्सा ढक गया है। इससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को पैदल आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार में कई दुकानदारों ने अपने सामान को निर्धारित सीमा से बाहर तक फैला रखा है। इसके अलावा तिरपाल लगाने से रास्ता संकरा होने के साथ-साथ बाजार का स्वरूप भी प्रभावित हो रहा है। भीड़भाड़ के समय लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है और कई स्थानों पर जाम जैसी स्थिति बन जाती है। लोगों का कहना है कि नगर निगम ने हाल ही में लोअर बाजार क्षेत्र में तहबाजारी और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की थी, लेकिन इसके बाद राम बाजार में अतिक्रमण और बढ़ गया है। उनका आरोप है कि यहां नियमित निगरानी और कार्रवाई के अभाव में फुटपाथ और पैदल मार्ग पर कब्जे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। व्यापारिक गतिविधियों के कारण दिनभर बाजार में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में पैदल रास्तों पर सामान रखने और अस्थायी तिरपाल लगाने से बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और पर्यटकों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से मांग की है कि राम बाजार में भी विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाए। उनका कहना है कि पैदल मार्ग को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त बनाया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।