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Shimla: गेयटी थियेटर के सम्मेलन कक्ष में गूंजी पिता के संघर्ष की कविता

राजधानी के एतिहासिक गेयटी थियेटर का सम्मेलन कक्ष में चंद्रधर गुलेरी की जयंती पर आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने माहौल ऊर्जा से भर दिया। भाषा कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से सहायक निदेशक भाषा अनिल हारटा, जिला भाषा अधिकारी सरोजना नरवाल सहित अन्य प्रबुद्ध लोग मौजूद रहे। इस दौरान पिता के संघर्ष की कविता सुनकर उपस्थित साहित्यकार और कवि भावुक हो गए। बिलासपुर की वसुंधरा धर्माणी ने इस कविता का वाचन किया। इसमें उन्होंने पिता के संघर्ष और उनके जीवन के बारे में अपने आकर्षक भाषा शैली से बताया। इसके साथ ही साहित्यकार मुक्तेश्वर ने विद्रोही जूते नामक कविता से व्यंग्यात्मक संदेश दिया। इस दौरान सम्मेलन कक्ष में प्रदेश भर से 15 से ज्यादा कवि और प्रसिद्ध साहित्यकार मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार एवं सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी के आर भारती ने शिरकत की। वहीं इस दौरान सम्मेलन में वरिष्ठ साहित्यकार सुदर्शन वशिष्ठ, वरिष्ठ साहित्यकार एवं माननीय सदस्य हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी डॉ मस्त राम शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में और भाषा कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से सहायक निदेशक भाषा अनिल हारटा, जिला भाषा अधिकारी सरोजना नरवाल सहित अन्य प्रबुद्ध लोग मौजूद रहे।

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