110 मेगावाट शानन विद्युत परियोजना में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने पावर हाउस, कार्यालय और अन्य सभी कार्यों का बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया। हड़ताल में 48 कर्मचारियों के शामिल होने से परियोजना का कामकाज प्रभावित होना शुरू हो गया है। यदि हड़ताल लंबी चली तो बिजली उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। आउटसोर्स कर्मचारियों ने पंजाब सरकार और पंजाब राज्य बिजली बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें नियमित नहीं किया गया है। इसी मांग को लेकर हिमाचल और पंजाब में विभिन्न बिजली परियोजनाओं में कार्यरत कर्मचारी आंदोलनरत हैं। यूनियन अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने कहा कि पंजाब राज्य बिजली बोर्ड के विद्युत परियोजनाओं, ग्रिड, स्टोर, थर्मल और हाइड्रो परियोजनाओं में कार्यरत करीब नौ हजार आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हुआ। कहा कि बीते 24 मई को पंजाब के बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी कर्मचारियों की मांगों पर निर्णय लिया गया था, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि मांगों को लेकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके तहत 15 जून को पंजाब के खन्ना में बिजली मंत्री का परिवारों और किसान संगठनों के साथ घेराव किया जाएगा। उधर, शानन परियोजना के अधीक्षण अभियंता भूपेंद्र सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर निर्णय पंजाब सरकार और पंजाब राज्य बिजली बोर्ड के स्तर पर लिया जाना है। कर्मचारियों की मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।