हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसानों, बागवानों और कामगारों को राहत देते हुए कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना लागू कर दी है। योजना के तहत हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक से तीन लाख रुपये तक का दीर्घकालीन कृषि ऋण लेने वाले पात्र ऋणधारकों के 31 मार्च 2025 तक के संचित बकाया ब्याज का 50 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए पात्र ऋणधारकों को 31 दिसंबर 2026 तक अपने डिफॉल्ट खातों की बकाया किस्तें और अन्य देय राशि जमा करनी होगी। उन्होंने बताया कि इस योजना पर राज्य सरकार 24.81 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इससे प्रदेश के 6,356 किसानों, बागवानों और कामगारों को सीधा लाभ मिलेगा। योजना का उद्देश्य डिफॉल्ट और एनपीए खातों को नियमित करना, किसानों को दोबारा बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना और भविष्य में संस्थागत कृषि ऋण प्राप्त करने में सहायता देना है। बैंक ने पुराने एनपीए खातों के निपटारे के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम-2026 भी शुरू की है। इसके तहत पात्र ऋणधारकों को नियमित ब्याज में 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी, जबकि पेनल ब्याज और कानूनी शुल्क पूरी तरह माफ किए जाएंगे। बैंक के अनुसार वर्तमान में इस योजना के दायरे में 437 पात्र ऋण खाते हैं। इन खातों पर लगभग 16.94 करोड़ रुपये मूलधन और 24.56 करोड़ रुपये ब्याज बकाया है।