अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा के लिए आए हुए सभी देवी-देवता अपने अस्थायी शिविरों में विराजमान हो गए हैं। वहीं, बुधवार को कई देवी-देवता देव मिलन के लिए एक-दूसरे के शिविरों में आए। देवताओं ने देव-मिलन की परंपरा को निभाया। एक साल बाद मिले देवी-देवताओं ने हरियानों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद भी दिया। इससे पहले शिविरों से बाहर आए देवी-देवता भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर में भी गए।