गणित विषय से बच्चे अक्सर घबराते है। इसी घबराहट एवं डर को दूर करने के लिए जिला कलेक्टर डॉ. सौम्या झा ने जिले में लक्ष्य-2025 नवाचार को शुरू किया है। इसके लिए जिला कलेक्टर डॉ सौम्या ने पढ़ाई विद एआई (आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस) पोर्टल विकसित किया गया है। जिले में वर्ष 2023-24 में गणित विषय में कक्षा 10 का परीक्षा परिणाम बेहद कमजोर रहा था। मात्र 33 प्रतिशत विद्यार्थी ही प्रथम श्रेणी में उर्त्तीण हुए थे।
जिला कलेक्टर ने पढ़ाई विद एआई पोर्टल विकसित कर विद्यार्थियों में गणित विषय के इसी डर को दूर करने का प्रयास किया है। इसमें विद्यार्थियों को गणित विषय की पाठ्य पुस्तक के प्रश्नों के विस्तृत समाधान एआई के माध्यम से मिल सकते है। इसके साथ ही किसी भी प्रश्न को सलेक्ट कर उसी प्रकार के अनगिनत प्रश्नों को टेस्ट सीरीज के माध्यम से हल कर सकते है। इससे बच्चों को विशेष तरह के प्रश्नों को हल करने की प्रैक्टिस करने का मौका मिल सकेगा।
बच्चों से शिक्षक बनकर किया संवाद
जिला कलेक्टर ने गुरुवार को टोंक शहर के पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोठी नातमाम का निरीक्षण कर पढ़ाई विद एआई को लेकर बच्चों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने पोर्टल को लेकर बच्चों के विचारों को जाना। साथ ही, पोर्टल के उपयोग के बारे में शिक्षक बनकर विस्तार से जानकारी दी। जिला कलेक्टर ने कहा कि गणित बेहद ही रुचिकर विषय होता है। इसके कॉन्सेप्ट समझने के बाद यह आसान हो जाता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एवं टेक्नोलॉजी का उपयोग कर आप गणित विषय को सरल एवं रुचिकर बना सकते है, ताकि 10वीं कक्षा के बाद आप विज्ञान विषय को चुनकर इसमें अपना करियर बना सकते है। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने बच्चों के विगत दो टेस्टों में आए मार्क्स का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों से पोर्टल को उपयोग करने के बारे में जानकारी ली। जिला कलेक्टर ने कहा कि पोर्टल को बेहतर ढंग से उपयोग कर बच्चे अपना पॉजिटिव एवं नेगेटिव पक्ष भी जान सकते है।
उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों को पढ़ाई विद एआई कक्षा में नियमित आने के लिए बच्चों को प्रेरित करने के निर्देश दिए। इस दौरान सूचना एवं विज्ञान अधिकारी सुशील अग्रवाल, एसीबीईओ कृष्ण गोपाल शर्मा, सहायक प्रोग्रामर फरहान खान एवं विद्यालय के उप प्राचार्य साहिबजादा अब्दुल मुनीम खान शिक्षक मौजूद रहे।